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योनि प्रक्षालन (Yoni Prakshalan , Yoni Prakshalanam )(Vaginal- Douche )

प्रदर रोग से ग्रस्त विवाहित स्त्रियों को निम्नलिखित नुस्खे का प्रयोग करके प्रतिदिन योनि प्रक्षालन (Vaginal Douche ) यानी योनि-मार्ग की धुलाई अवश्य करना चाहिए. प्रदर रोग ठीक होने पर सप्ताह में एक बार करने लगें. स्वस्थ महिलाओं को भी सप्ताह में एक बार , स्नान करते समय, योनि प्रक्षालन अवश्य करना चाहिए. इससे योनि मार्ग स्वच्छ , निर्विकार, निरोग और स्वस्थ स्थिति में बना रहता है और योनि-रोग नहीं होते. योनि प्रक्षालन का प्रयोग अविवाहित युवतियों को किसी उपकरण का प्रयोग न करते हुए सिर्फ अपने हाथ से धुलाई करते हुए ही करना चाहिए. किसी उपकरण की नोज़ल या सिरिंज को योनि में प्रविष्ट करने से योनि छद्द (hymen ) फट सकता है.

योनि प्रक्षालन पहली विधि (first method of yoni prakshalan ) - शरपुन्खा मोटा-मोटा कुटा हुआ यानी जौ कूट २५ ग्राम, नीम की ताज़ी या सूखी हुई साफ़ की हुई २०-२५ पत्तियां, त्रिफला चूर्ण १० ग्राम और मुलहठी चूर्ण १० ग्राम - यह एक बार के उपयोग की मात्रा है. इन चारों को एक लीटर पानी में डालकर इतनी देर तक उबालें की पानी पौन लीटर (७५० ग्राम ) बचे तब उतार कर मोटे कपडे से छान लें. इसमें एक बड़ा चम्मच भर शहद डालकर घोल दें और इस पानी को 'एनिमा पॉट ' में भरकर थोड़े ऊँचे स्थान पर रख दें या दीवाल पर लटका दें. इस पॉट में जो रबर नली होती है, उस नली में मुंह पर नली बंद करने का नोज़ल होता है. इसे बंद करके ही 'एनिमा पॉट' में पानी भरते हैं. यदि नली में नोज़ल न लगा हो तो नली का मुंह अंगुली या अंगूठे से दबा लें फिर पानी भरें. पॉट को ऊँचे स्थान पर रख कर बाथरूम में एक पाटे पर बैठ कर दोनों पैर सामने चौड़े करके फैला दें ताकि योनि मुख पर जाँघों का दबाव न पड़े . अब रबर के नली के मुंह या नोज़ल पर वेसलीन लगाकर थोड़ा पानी बाहर निकाल दें ताकि रबर की नली में कोई कचरा हो तो निकल जाए. इसके बाद धीरे-धीरे नोज़ल या रबर की नली योनि में एक इंच सरका दें और नोज़ल खोल दें ताकि पानी योनि में जा कर धुलाई करने लगे. पानी योनि में होता हुआ निचे गिरता रहेगा. इस तरह पूरे पानी से योनि प्रक्षालन करना चाहिए.

योनि प्रक्षालन दूसरी विधि (second method of yoni prakshalan ) - उबाल कर छाने हुए पानी को एक तपेली में डालें. प्रक्षालन करने की एक रबर डूश (douche) पाइप होती है. इसका एक सिरा , जिसमे वाल्व हो, तपेली में भरे पानी में डाल देते हैं और दूसरा सिरा जिसमे नोज़ल लगा हो, योनि-मार्ग में प्रविष्ट कर देते हैं. इस रबर-पाइप के बीच में एक गेंद बनी होती है जिसे दबाने और छोड़ने से पानी खिंच कर योनि-मार्ग में पहुँचता है और धुलाई करता है. गेंद को जोर से न दबाएं, धीरे-धीरे दबाएं ताकि पानी धीरे-धीरे योनि में प्रवेश करे, प्रेशर के साथ नहीं.

 

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