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विगोजेम टेबलेट ( Vigojem Tablet )

विगोजेम टेबलेट ( Vigojem Tablet )
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विगोजेम टेबलेट के घटक द्रव्य (ingredients of VIGOJEM Tablet ) - अकरकरा, कुक्कुटाण्डत्वक भस्म, अभ्रक भस्म, बंग भस्म, लौह भस्म, स्वर्ण बंग, विधारा, तालमखाना, इलायची, खुरासानी अजवाइन, पीपल - सभी १०-१० ग्राम; असगंध, शिलाजीत - २५-२५ ग्राम; तेजपत्र, सौंठ, दशमूल , ब्राह्मी, जटामांसी - २०-२० ग्राम ; केसर - २ ग्राम.

विगोजेम टेबलेट निर्माण विधि (VIGOJEM Tablet preparation method ) - पहले काष्ठौषधियों (अकरकरा, विधारा, तालमखाना आदि ) को एक साथ कूट पीस कर खूब महीन कपड़छान चूर्ण कर लें फिर सब भस्में, शिलाजीत और केसर इसमें मिला कर पान के रस में घोंट लें. सब द्रव्यों को एक जान करने के बाद २-२ रत्ती की गोलियां बना कर छायामे सूखा लें.

विगोजेम टेबलेट मात्रा और सेवन विधि (VIGOJEM Tablet quantity and dosage ) - सुबह शाम २-२ गोली कुनकुने मीठे गर्म दूध के साथ सेवन करें.

विगोजेम टेबलेट के फायदे (Advantages and health benefits of VIGOJEM Tablet ) - विगोजेम टेबलेट यौनांग की दुर्बलता, शिथिलता या सहवास के दौरान वीर्यपात होने से पहले ही उत्तेजना ख़त्म होना और शिथिलता आ जाना या शीघ्रपतन हो जाना आदि लक्षणों को दूर करने में एक समर्थ और गुणकारी योग है इसके नियमित सेवन से यौनशक्ति में पर्याप्त वृद्धि होती है और धातु दौर्बल्य, स्नायविक दौर्बल्य और ध्वजभंग की शिकायत आदि व्याधियां दूर होती हैं. विगोजेम टेबलेट की विशेषता ये है की इसका सेवन केवल शीतऋतु में ही नहीं बल्कि किसी भी ऋतू में किया जा सकता है और जब तक पूरा लाभ न हो तब तक किया जा सकता है. जो विवाहित युवक नपुंसकताजन्य स्थिति से पीड़ित हों उन्हें इस योग का सेवन अवश्य करना चाहिए. लाभ हो जाने पर भी, प्रतिवर्ष शीतकाल में, २-३ माह तक, एक पौष्टिक वाजीकारक योग के रूप में इसका सेवन करते रहना चाहिए ताकि शरीर स्वस्थ और सबल बना रहे.

 

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